राजस्थान के हर ज़िले, हर गाँव, हर घर तक पहुँचने का संकल्प। शिक्षा, रोज़गार, और न्याय — यही हमारा एजेंडा है। यह किसी एक की लड़ाई नहीं — यह लाखों की आवाज़ है।
राजस्थान की हकीकत — जो बदलनी है
राजस्थान परिवर्तन सेना किसी जाति, किसी पार्टी, किसी परिवार की विरासत नहीं है। यह उन लाखों लोगों की आवाज़ है जो अच्छे स्कूल, सही रोज़गार, और ईमानदार नेतृत्व माँगते हैं।
हम हर ज़िले में पहुँचेंगे। हर गाँव में सुनेंगे। हर उस सवाल का जवाब माँगेंगे जो दशकों से अनसुना रहा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजस्थान परिवर्तन सेना
एक युवा, ईमानदार आवाज़ — जो राजस्थान के हर ज़िले तक पहुँचने का संकल्प लेकर आई है। जाति से नहीं, काम से पहचान बनाने में विश्वास। दस्तावेज़ी फिल्में, जमीनी काम, और हर उस सवाल को उठाने की हिम्मत — जो दशकों से अनसुना रहा।
तुम्हारा सपना सिर्फ तुम्हारा नहीं है — यह इस देश का सपना है।
100 बच्चों में से सिर्फ 50 स्कूल पूरा करते हैं। 29 कॉलेज तक पहुँचते हैं। बाकी 71 कहाँ जाते हैं?
राजस्थान के कई इलाकों में महिला साक्षरता अभी भी 40% से कम है। 78 साल में यह नहीं बदला?
भारत में सिर्फ 5% लोग सरकारी नौकरी में हैं। UK में 25%, USA में 15% — हम पीछे क्यों?
पंचाना बाँध जैसे दर्जनों प्रोजेक्ट — जिनमें ज़मीन गई, वादे मिले, पानी नहीं आया। 20 साल से।
शेखावाटी — देश को सबसे ज़्यादा सैनिक देने वाला इलाका। अग्निवीर योजना ने उनके सपने तोड़े।
टूटी सड़कें, बिना डॉक्टर के अस्पताल, बिना शिक्षक के स्कूल — यह लक्जरी नहीं, हक है।
DOOB — A Documentary Film
डूब — एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म पंचाना बाँध पर। दो समुदाय, एक बाँध, 20 साल के टूटे वादे। गुर्जर और मीना — दोनों प्यासे। दोनों ठगे गए। एक ही सरकार ने।
यह फिल्म किसी एक समुदाय की कहानी नहीं है। यह उस सिस्टम की कहानी है जो दो गरीब समुदायों को आपस में लड़वाता है ताकि कोई असली सवाल न पूछे।
पानी कहाँ गया?
"39 गाँवों की ज़मीन गई। 35 गाँवों को पानी का वादा था। किसी को नहीं मिला। कोई ज़िम्मेदार नहीं।"
परिवर्तन सेना किसी एक इलाके की पार्टी नहीं है। हम राजस्थान के सभी 50 ज़िलों में अपनी आवाज़ पहुँचाना चाहते हैं। अपने ज़िले से जुड़िये।
यह बदलाव एक इंसान नहीं लाता। लाखों लोग मिलकर लाते हैं। अपना नाम, अपना ज़िला — बस इतना काफी है शुरुआत के लिए।